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Monday, August 12, 2013

pyaz ke fayde

आयुर्वेद में प्याज़ को अनेकों गुणों का भंडार माना गया है । स्वाद में जरूर चरपरी होती है मगर प्याज़ भख बढ़ाने के लिए बहुत सहायक होती है । स्वांस रोगों के लिए प्याज़ को बहुत गुणशाली माना गया है।
लाल और सफ़ेद २ रंगों में पाई जाने वाली प्याज में प्रोटीन ,वसा , फास्फोरस , लोहा ,विटामिन्स प्रचुर मात्रा में पाया जाता है ।
  1. गर्मी के मौसम में जिन्हें लू लगने का भय हो उन्हें २० ग्राम प्याज़ का रस में १० ग्राम शहद मिलाकर पीने से आराम मिलता है । 
  2. प्याज़ ,अदरक और लहसुन का रस बराबर मात्रा में शहद में मिलाकर यदि भोजन से पूर्व चाटा  जाये तो पेट से सम्बंधित बीमारियों से निजात मिलती है । 
  3. ह्रदय रोगियों को प्रतिदिन एक प्याज़ का सेवन अवश्य करना चाहिए । 
  4. यदि बार -बार पेशाब आने की बीमारी हो तो प्याज़ के रस में शहद मिलाकर पीने से आराम मिलता है । 
  5. गठिया के रोगियों को प्याज़ के रस के साथ राइ का तेल मिलाकर और साथ मेथी पाउडर मिलाकर लगाने से आराम मिलता है । 
  6. चेहरे पर झाइयाँ हो तो प्याज़ के रस में दूध की मलाई बेसन और शहद मिलाकर लगायें और १/२  घंटे एक बाद ठन्डे पानी से धो लें।। 
  7. बालों में रूसी और जुएँ होने पर प्याज का रस नीबू के रस के साथ बराबर मात्रा में मिलाकर १ घंटे लगाकर रखें और फिर ठन्डे पानी से धो लें । 
  8. बवासीर में २ चम्मच प्याज़ का रस को चीनी के साथ मिलाकर पीने से आराम मिलता है । 
  9. गले की खराश में प्याज़ को भूनकर खाएं । 
  10. बिवायीं  होने पर प्याज़ का रस सरसों का तेल मिलाकर लगायें । 
  11. शरीर पर कहीं मस्सा होने हो तो प्याज़ को चूने के साथ मिलाकर लगाने से मस्सा निकल जाता है । 
  12. चेहरे पर ,गर्दन पर या शरीर के किसी भी अंग में यदि काला दाग हो तो प्याज़ का रस रगडें ।