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Tuesday, October 29, 2013

Jaggery and ginger tea

गुड़ गन्ने से तैयार एक शुद्ध, अपरिष्कृत पूरी चीनी है। यह खनिज और विटामिन है जो मूल रूप से गन्ने के रस में ही मौजूद हैं। यह प्राकृतिक होता है। इसे चीनी का शुद्धतम रूप माना जाता है।ठण्ड के दिनों में गन्ने की फसल काटी जाती है और तभी गुड़  भी बनाया जाता है। गुड़ का उपयोग मूलतः दक्षिण एशिया मे किया जाता है। भारत के ग्रामीण इलाकों मे गुड़ का उपयोग चीनी के स्थान पर किया जाता है। गुड़ लोहतत्व का एक प्रमुख स्रोत है और रक्ताल्पता (एनीमिया) के शिकार व्यक्ति को चीनी के स्थान पर इसके सेवन की सलाह दी जाती है।
 जोड़ों के दर्द के लिए अगर एक गुड़ का टुकड़ा प्रतिदिन खाया जाये तो आराम मिलता है /जिनका भी hemoglobin कम रहता  हो उन्हें अगर रोज गुड़ और चना सामान मात्रा में दिया जाये तो hemoglobin बढ़ जाता है।
 गुड़ मैग्नीशियम का भी एक अच्छा स्रोत है जिससे मांसपेशियों, नसों और रक्त वाहिकाओं को थकान से राहत मिलती है।
गुड़ शरीर को विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पाने में मदद करता है। सर्दियों में, यह शरीर के तापमान को विनियमित करने में मदद करता है.
हमारे घर में सर्दियों में अक्सर गुड़ और अदरक वाली चाय बनायीं और पी जाती है ,पेश है इसकी रेसिपी -----

सामिग्री-----ingredients------

     इतनी सामिग्री ४ लोगों के लिए पर्याप्त होगी -

  1.  पानी ३  कप। 
  2. दूध १/१/२ कप। 
  3. गुड़ १ बड़ा टुकड़ा। 
  4. चाय की पत्ती २ छोटे चम्म्च।
  5. अदरक कद्दूकस की हुई १ बड़ा चम्मच। 
  6. काली मिर्च पाउडर १/६ छोटा चम्मच।--
  7. नमक अगर डालना हो तो १ चुटकी। 

विधि---method --------

  1. पानी को पैन में उबलने के लिए चढ़ा दें ,दूसरी तरह दूध को गरम कर लें। 
  2. अब पानी में अदरक ,काली मिर्च,चाय की पत्ती और गुड़ को भी अच्छी तरह से उबाल लें.
  3. अब केतली में चाय को छान कर इसमें दूध मिला दें। 
  4. गरमागरम कप में डालकर पियें और पिलाएं। 

 नोट-----यदि अधिक मीठा पीना हो तो गुड़ कि मात्रा बढ़ा दें ,ध्यान रहे कि गुड़ वाली चाय में दूध हमेशा अलग से ही डालें अन्यथा दूध फट जायगा,और चाय फेंकनी पड़  जायेगी। दूध ज्यादा डालने से रंग अच्छा आएगा ,अगर आप कम डालना चाहें तो कम कर दें।